पुलिस (Police) FIR दर्ज नहीं कर रही? जानिए BNS और BNSS के अनुसार क्या करें?
पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही? जानिए BNS और BNSS के अनुसार क्या करें?
📌 क्या आपकी शिकायत पर पुलिस FIR दर्ज करने से मना कर रही है?
📌 क्या आपको पुलिस स्टेशन से "ये हमारा मामला नहीं है" जैसा जवाब मिल रहा है?
📌 क्या आप जानते हैं कि पुलिस का FIR दर्ज करना अनिवार्य होता है?
अगर ऐसा हो रहा है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं! इस गाइड में हम जानेंगे कि नए कानून (BNS, BNSS) के तहत क्या प्रावधान हैं और पुलिस FIR दर्ज न करे तो आप क्या कर सकते हैं।
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1. FIR क्या होती है और इसे दर्ज करना पुलिस की ज़िम्मेदारी क्यों है?
✅ FIR (First Information Report) वह कानूनी दस्तावेज़ है, जिसमें पुलिस किसी अपराध की सबसे पहली सूचना दर्ज करती है।
✅ Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS), 2023 की धारा 173 के अनुसार, संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) की FIR दर्ज करना अनिवार्य है।
✅ पहले यह प्रावधान CrPC की धारा 154 में था, जिसे BNSS में रिप्लेस कर दिया गया है।
📌 संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) क्या होते हैं?
संज्ञेय अपराध वे होते हैं, जिनमें पुलिस बिना कोर्ट की अनुमति के गिरफ्तारी कर सकती है। इनमें शामिल हैं:
✔ हत्या (BNS धारा 101)
✔ बलात्कार (BNS धारा 64)
✔ डकैती (BNS धारा 303)
✔ धोखाधड़ी (BNS धारा 316)
✔ गंभीर चोट पहुँचाना (BNS धारा 125)
📌 असंज्ञेय अपराध (Non-Cognizable Offense) क्या होते हैं?
वे अपराध जिनमें पुलिस को पहले कोर्ट की अनुमति लेनी होती है। जैसे:
✔ मानहानि (BNS धारा 354)
✔ सामान्य मारपीट (BNS धारा 123)
✔ धमकी देना (BNS धारा 128)
📌 महत्वपूर्ण बात:
अगर आपका मामला संज्ञेय अपराध का है और पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही, तो यह उनके कर्तव्य का उल्लंघन है।
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2. अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करे, तो क्या करें?
अगर पुलिस आपकी शिकायत को अनसुना कर रही है या FIR दर्ज करने से मना कर रही है, तो नीचे दिए गए कानूनी उपाय अपनाएं:
📍 STEP 1: पुलिस अधीक्षक (SP) या डीआईजी/आईजी को शिकायत दें
➡ BNSS की धारा 174 के तहत आप अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP), डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) या इंस्पेक्टर जनरल (IG) को लिखित शिकायत भेज सकते हैं।
➡ अगर आपकी शिकायत सही पाई गई, तो वे पुलिस स्टेशन को FIR दर्ज करने का आदेश दे सकते हैं।
📌 कहाँ शिकायत करें?
राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
पुलिस हेडक्वार्टर में व्यक्तिगत रूप से आवेदन दे सकते हैं।
📍 STEP 2: न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) के पास आवेदन दें
➡ अगर SP या DIG स्तर पर भी आपकी FIR दर्ज नहीं हो रही, तो BNSS की धारा 175 के तहत आप न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) के पास आवेदन (Petition) दायर कर सकते हैं।
इससे पहले यह प्रक्रिया सीआरपीसी की धारा 156(3) में चलती थी।
➡ कोर्ट पुलिस को निर्देश दे सकता है कि FIR दर्ज की जाए और जांच शुरू की जाए।
📌 इस प्रक्रिया के लिए किसी अधिवक्ता की सहायता लेना बेहतर रहेगा। इस प्रक्रिया को फोलो कर रहे हैं तो कृपया ध्यान दे, मजिस्ट्रेट को शिकायत देने से पहले आप अपना रिकॉर्ड हमेशा तैयार रखें, जैसे कि आपने किस पुलिस अधिकारी को शिकायत की थी।
उसके बाद उस अधिकारी के बाद अपने किस अधिकारी को शिकायत की उसका रिकॉर्ड ओर शिकायत भेजने का तरीका क्या रहा उसे भी रिकॉर्ड में रखें। सबसे पहले आपने यदि SHO को शिकायत की उसके बाद यदि S.P को शिकायत की तो उसका भी पूरा रिकॉर्ड रखें, अन्यथा आपकी शिकायत मजिस्ट्रेट स्वीकार नहीं करेंगे।
📍 STEP 3: हाईकोर्ट में रिट याचिका (Writ Petition) दायर करें
➡ अगर पुलिस और मजिस्ट्रेट, दोनों ही स्तर पर आपकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आप हाईकोर्ट में "Mandamus Writ" दायर कर सकते हैं।
➡ हाईकोर्ट पुलिस को FIR दर्ज करने और जांच करने का आदेश दे सकता है।
📌 BNS की धारा 222 के तहत, अगर कोई पुलिस अधिकारी जानबूझकर FIR दर्ज नहीं करता, तो उसे 6 महीने से 2 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
3. क्या ऑनलाइन FIR दर्ज कर सकते हैं?
✅ हाँ! कई राज्यों में आप Online FIR या e-FIR दर्ज कर सकते हैं।
✅ साइबर अपराध (Cyber Crime), गुमशुदा व्यक्ति रिपोर्ट और चोरी के मामलों में Online FIR करने की सुविधा उपलब्ध है।
🔗 ऑनलाइन FIR दर्ज करने के लिए राज्यवार लिंक:
दिल्ली पुलिस: https://delhipolice.gov.in/
उत्तर प्रदेश पुलिस: https://uppolice.gov.in/
महाराष्ट्र पुलिस: https://mahapolice.gov.in/
साइबर क्राइम शिकायत: https://cybercrime.gov.in/
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4. निष्कर्ष (Conclusion)
📌 FIR दर्ज करना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है।
📌 अगर पुलिस आपकी FIR दर्ज नहीं कर रही है, तो SP, DIG या न्यायिक मजिस्ट्रेट से शिकायत करें।
📌 अंतिम विकल्प के रूप में, हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर सकते हैं।
📌 कुछ राज्यों में Online FIR
की सुविधा भी उपलब्ध है।
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